गोविंद रा गुण गा बन्दा रे भजन लिरिक्स !! govind ra gun ga banda bhajan lyrics !! kabirdas bhajan lyrics !!
भजन : गोविंद रा गुण गा बन्दा रे
दोहा
सोने री लंका बनी और सोने रा घर-बार,
रति सोनो ना मिलियो रावण मरती वार।
हंस-हंस के बोलता दिन में सौ-सौ वार,
वे मानुष कठे गया? सुरता करो विचार।
भजन
मालिक रा गुण गा बन्दा रे,
उमरिया जावे, जावे से भाई — जावे।
जावे से जावे उमरिया,
पासी कोनी आवे थोड़ा,
मालिक रा गुण गा बन्दा रे,
गोविंद रा गुण गा बन्दा रे,
गर्भवास में कोल किया था,
बाहर आए हरि नाम ना लिया था,
भूल गयो भगवान बन्दा रे,
बालपन हद खेल गंवायो,
यौवन में माया विलमायो,
करियो नी सुकरत काम बन्दा रे,
आगे बुढ़ापा आवेला भारी,
ताना देवेला दुनिया सारी,
भूंडी करी भगवान बन्दा रे,
रामानंद गुरु दे रया हेला,
सुण ले दास कबीर तू चेला,
भजो हरि वाला नाम बन्दा रे,
जावे से जावे उमरिया,
पासी कोनी आवे थोड़ा,
मालिक रा गुण गा बन्दा रे,
गोविंद रा गुण गा बन्दा रे,

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