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महामृत्युंजय मंत्र लिरिक्स !! maha mrtum jay mantr lyrics !! shiv mantr lyrics !!

 


महामृत्युंजय मंत्र:

( शिव मंत्र )


         शब्दार्थ:

  • — ईश्वर का पवित्र नाम

  • त्र्यंबकम् — तीन नेत्रों वाले (भगवान शिव)

  • यजामहे — हम पूजन करते हैं / आराधना करते हैं

  • सुगंधिम् — जो सुगंध देने वाले हैं (आंतरिक और बाह्य रूप से पवित्र)

  • पुष्टि-वर्धनम् — जो पोषण और समृद्धि को बढ़ाते हैं

  • उर्वारुकम् इव — जैसे खीरा या फल (जब पक जाता है तो बेल से स्वतः अलग हो जाता है)

  • बन्धनान् — बंधनों से (जन्म-मरण के बंधन)

  • मृत्योः मुक्षीय — मृत्यु से मुक्ति दें

  • माऽमृतात् — अमरत्व से हमें वंचित न करें


भावार्थ (सरल हिंदी में):

"हम उस त्रिनेत्री शिव की उपासना करते हैं, जो जीवन को सुगंधित व पुष्ट करने वाले हैं। जैसे पक कर खीरा बेल से स्वतः अलग हो जाता है, वैसे ही हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त करें, लेकिन अमरता (मोक्ष) से वंचित न करें।"


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