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!! भजन यूं करना रे निर्भय होय लिरिक्स !! bhajan u karna re nirbhay hoy lyrics !! kabirdas bhajan lyrics !!


!! भजन यूं करना रे निर्भय होय !! 

भजन यूं करना रे निर्भय होय नचीत ॥टेर॥

आसन पद्म निज ध्यान लगावो,
तन मन इन्द्रियों को जीत।
संकल्प विकल्प मिटा महा,
फुरणा तुर्या सोही अतीत॥

रवि-शशी का देख स्वर्रोदा,
सुखमण कर प्रतीत।
अड़द उड़द बीच तार लगावे,
सूरत करे संगीत॥

अगम भूम का अद्भुत मोरछा,
बांध लिया तन बीच।
भजन तौब शिखर गढ़ छूटी,
टूटी मेरू भीत॥

पागी चढ़िया शिखर गढ़ माही,
वहां नहीं उष्ण शीत।
असंख भान सतगुरु की,
शोभा बिन नैना प्रतीत॥

कर बिन ढोल बजावे नटवो,
साज बिन संगीत।
बिना पांव वहां नटनी नाचे,
बिन मुख गावे गीत॥

अद्भुत खेल खिलाड़ी खेले,
यह बेगम की रीत।
बाबुलाल सतगुरु की कृपा,
बाजी लीनी जीत॥




                                                          

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