म्हारो सेठ रूखालो bhajan lyrics !! sanwariya set bhajan lyrics !!
म्हारो सेठ रूखालो - छोटू सिंह रावणा
सेठ सँवारा आ परो,
है मंडप्या में थोड़।
मैं जोशी गाड़ी में थारे,
म्हारो नगर चित्तौड़।
गायाँ को गवालो,
म्हारो सेठ रूखालो,
गाड़ी को डिलेवर,
हरदम लेवे म्हाको फेवर।
गाड़ी को डिलेवर,
हरदम लेवे म्हाको फेवर।
गायाँ को गवालो,
म्हारो सेठ रूखालो,
माई-बापजी ओ म्हाने कालजे लगावे,
गाड़ी में बिठावे ज्यूं गोद में बिठावे।
कालियो कलुटो, म्हारे जीवड़ा को बुटो,
गायाँ को गवालो,
म्हारो सेठ रूखालो,
रिश्ता बड़ा पुराना है सेठ,
ऐसे ना टूटेगा।
बस इतना दे साँवरे,
कि तेरा दर ना छूटे।
रोड़ का भिखारियाँ ने
सेठ जी बना दे,
झोपड़ी की थोड़,
ऊँचा महल चुना दे।
पाला ने पहुँचावे,
चीलगाड़ी में बिठावे,
म्हारी गाड़ी को डिलेवर।
गायाँ को गवालो,
म्हारो सेठ रूखालो,
दुःख में हँसावे सेठ,
सुख में सुमति दे।
थाने नहीं भूलूं नाथ,
लाख दे या रत्ती दे।
चाकर बनावे म्हाने,
मंडप्या बसावे,
म्हारी गाड़ी को डिलेवर।
गायाँ को गवालो,
म्हारो सेठ रूखालो,
सीपी जोशी’ की गाड़ी,
सँवारो चलावे।
गाड़ी की सवारियाँ ने,
मंडप्या पहुँचावे।
भोला भगता की गाड़ी,
सँवारो चलावे।
गाड़ी की सवारियाँ ने,
मंडप्या पहुँचावे।
‘छोटू’ है खलासी,
संग बैकुंठा को वासी,
म्हारे कालजे को जेवर,
गाड़ी को डिलेवर।
गायाँ को गवालो,
म्हारो सेठ रूखालो,


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