भजन मन लागो मेरो यार फकीरी में लिरिक्स !! कबीर दास जी भजन !!
भजन: मन लागो मेरो यार फकीरी में
मन लागो मेरो यार फकीरी में
मन लागो मेरो यार फकीरी में।
सोना चाँदी न मोहे भावे,
मैने तो लूटी लीरे में।।
मन लागो मेरो...
तन ढाका सब झूठा भेषा,
मन को माया घेरे।
जिन देखीया परम तत्व को,
सो फक्कड़ भयो फकीरे।।
मन लागो मेरो...
ना मैं मंदिर, ना मैं मस्जिद,
ना काबे कैलासा।
मैं तो रहने वाला,
उस सांचे का निवासा।।
मन लागो मेरो...
कहै कबीर सुनो भाई साधो,
संतन की सब रीती।
जित देखूं तित राम ही राम है,
राम बिना नहीं प्रीति।।

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