॥ भजन: बजरंग बाण लिरिक्स॥ हनुमान जी भजन !! बालाजी भजन लिरिक्स !!
॥ भजन: बजरंग बाण ॥
|| श्री हनुमते नमः ||
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते, श्रीराम दूताय नमः।
बाल समय रवि भक्षि लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारो।
ताहि सों त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात न टारो॥
देवन आनि करी बिनती तब,
छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।
को नहीं जानत है जग में,
कपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
बालि की त्रास कपीस बनायो,
सुग्रीव न संगति दीन्ह लवाई।
रामचंद्र के काज सवारे,
लखि विकट रूप धरि लंका जारो॥
लंका सों रावण सिर काटा,
सीता सुधि प्रभु को सन्देसो दियो।
बजे गगन में दुंदुभि भारी,
श्रीरामचंद्र राज तिलक कीन्हो॥
अब विलम्ब क्यों करते हो दासा,
दया करहु प्रभु संकट नाशो।
जय जय जय हनुमान गोसाईं,
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥
जो यह पढ़े बजरंग बाण,
तेज बढ़े, मिटे सब खान।
भूत-प्रेत पिशाच निकट न आवे,
महावीर जब नाम सुनावे॥
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"संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।"

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