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म्हारी सभा में रंग बरसाओ भजन लिरिक्स !! गणपति भजन !!

 

गणपति भजन से पहले दोहा (श्लोक) गाने से भजन की भक्ति भावना और प्रभाव बढ़ जाता है। यहाँ कुछ सुंदर दोहे दिए गए हैं जो आप गणपति भजन से पहले गा सकते हैं:


1. मंगलाचरण दोहा:

(अर्थ: हे वक्रतुण्ड, महाकाय, जो करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हैं, हमारे सभी कार्यों को निर्विघ्न पूरा करें।)

2. श्री गणेश वंदना दोहा:

गाइये गणपति जग वंदन। संकट हरन मंगल करण॥

(अर्थ: गणपति की वंदना करो, वे संसार में पूजनीय हैं, संकट हरने वाले और मंगल करने वाले हैं।)

3. सिद्धि-विनायक दोहा:

(अर्थ: हे गणपति, आप सद्गुणों के धाम हैं, विद्वानों के प्रिय हैं, विघ्नों को हरने वाले और मंगल करने वाले हैं, माता पार्वती के पुत्र को जय हो।)

इन दोहों को गाने के बाद गणेश जी का भजन शुरू करने से भक्ति का माहौल और भी पावन और आनंदमय बन जाता है। आप 'म्हारी सभा में रंग बरसाओ' गणपति भजन के बोल और संबंधित छवियाँ खोज रहे हैं। यह भजन गणेश जी की स्तुति में गाया जाता है, जिसमें उन्हें सभा में आकर आनंद और रंगों की वर्षा करने का आग्रह किया जाता है।


म्हारी सभा में रंग बरसाओ' गणपति

भजन 

म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी।

पार्वती के पुत्र कहिजो, शिवजी के मन भावो जी।

म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी।

रणत भवन सु आप पधारो, संग में रिद्धि सिद्धि लावो जी।

म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी।

चन्दन चौकी आप विराजो, केसर तिलक लगावो जी।

म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी।

लाडू पेड़ा और जलेबी, मोदक भोग लगावो जी।

म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी।

समाप्त 

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