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धिन घड़ी जी धिन भाग दयालु घर आविया रे भजन लिरिक्स !! निर्गुणी भजन लिरिक्स !! मीरा भजन लिरिक्स !!

 

धिन घड़ी जी धिन भाग दयालु घर आविया रे

(भक्ति भाव से परिपूर्ण मीरा भजन)

धिन घड़ी जी धिन भाग,
दयालु घर आविया रे म्हारे।
धिन घड़ी रे धिन भाग,
दयालु घर आविया रे म्हारे।
धिन घड़ी धिन भाग म्हारे,

हे सतगुरु आया, गाँव में संतो,
जिणी जिणी उड़े रे गुलाल।
सतगुरु आया गाँव में संतो,
जिणी जिणी उड़े रे गुलाल।
धिन गुरु आया, आंगणे म्हारे,
मोतीड़ा सूं लेवूं रे बधाई।
दयालु घर आविया रे म्हारे,

गाय दुवाडूं, गोरड़ी संतो,
दूधे पखारूं पाँव।
ऊँचा धिरावूं गुरु बेसणा जी,
पंखे ढुलावूं रे वाव।
दयालु घर आविया रे म्हारे,

दातण देरावूं काची केळ रा,
झार गंगाजळ नीर।
भैंस दुवाडूं, भूरड़ी जी,
पुड़ली रंधावूं खीर।
दयालु घर आविया रे म्हारे,

चावल रंधावूं उजळा संतो,
हरिया मूंगा री दाळ।
लड्डू बनावूं घेवर लापसी,
रुसी-रुसी भोग लगाय।
दयालु घर आविया रे म्हारे,

बाई रे मीरा री विनती संतो,
सुणजो श्रीजनहार।
शरणे आया आपड़ी जी,
कर दीजो भवसागर पार।
दयालु घर आविया रे म्हारे,

धिन घड़ी धिन भाग म्हारे,
दयालु घर आविया रे म्हारे।
धिन घड़ी धिन भाग म्हारे,



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