भजन : श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी लिरिक्स !! कृष्ण भजन !! Shree krishn govind hare murari lyrics
भजन : श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा।
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
जल में बसे हैं, थल में बसे हैं
बसते हैं जीवों के अंतर में।
सर्वत्र हैं वो, सर्वथा हैं वो
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
दीनों के दीन, कृपा के सागर
हे चक्रधर भगवान।
पालक बनकर तू ही आता
हरता सबके प्राणों का त्राण।।
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

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