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भजन सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है लिरिक्स !! सांवलियाजी भजन !!

भजन : सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 







सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 
फिर सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

चलो सत्संग में चले हमें हरि गुण गाना है 
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

मेरा पुकार रही आओ मेरे गिरधारी 
विश्व भर प्यार को अमृत में मानना है 
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

द्रौपदी पुकार रही आओ मेरे बनवारी 
क्या बढ़ा जो मेरा मेरी लाज को बचाना है 
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

शबरी पुकार रही आओ मेरे रघुराई 
खट्टी मीठे बेरो का तुम्हें भोग लगाना है 
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

मथुरा में ढूंढा तुम्हें गोकुल में पाया है 
वृंदावन की गलियों में मेरे श्याम का ठिकाना है 
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

चलो सत्संग में चले हमें हरि गुण गाना है 
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना

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