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भजन: सोना रा झांझर बाजणा लिरिक्स !! माताजी भजन !!

दोहा (माताजी की स्तुति में)


) माता तेरी महिमा अपरम्पार,

भक्तों का रखती तू ही संसार।।


२) सिंदूर लागे माथे माँ, सिर पर शोभे ताज।

भक्तों के संकट मिटे, मिले सुखी समाज।।


३)जय अम्बे गौरी माँ, संकट हर तू आज।

तेरी कृपा बिना मैया, कौन करे काज।। 





      भजन: सोना रा झांझर बाजणा

  

(माताजी की महिमा में सुंदर भजन)


थाने हेला पे हेलो, देऊ मारी माँ।

सोना रा झांझर बाजणा, मैया सोना रा झांझर बाजणा।।


चमके लाल चुनरिया, माथे शेष मुकुट।

सजे लाल घाघरो, लागे म्हारी माँ सुगठ।।

भक्तां री बिगड़ी बनाणा,

सोना रा झांझर बाजणा।।


मंदिर में दिवा जले, घंटा घणघण बाजे।

माँ री महिमा देख, सारा जग नमाजे।।

दुखड़ा दूर भगाणा,

सोना रा झांझर बाजणा।।


!! समाप्त ! !


ये भजन और दोहे माता रानी की भक्ति में गाए जाते हैं। अगर आपको कोई औ

र विशेष भजन या दोहा चाहिए, तो बताइए!


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